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प्रतिरोधों का सामान्तर सयोंजन | Parallel Connection

Parallel Connection in hindi
Parallel Connection in hindi

जब भी किसी परिपथ में किसी प्रतिरोध या डिवाइस को कनेक्ट किया जाता है तो उन्हें या तो श्रेणी क्रम में जोड़ते है या सामान्तर क्रम में | इससे पहले वाले आर्टिकल में हम आपको बता चुके है की प्रतिरोधों को  श्रेणीक्रम कैसे जोड़े |

इस आर्टिकल में हम बात करेंगे प्रतिरोधों का समान्तर सयोंजन क्या है  , प्रतिरोधों को सामान्तर क्रम में जोड़ने से प्रतिरोध , वोल्टेज तथा धारा के मान पर क्या प्रभाव पड़ता है तथा प्रतिरोध के समान्तर संयोंजन से जुड़े न्यूमेरिकल के बारे में |



प्रतिरोधों का समान्तर सयोंजन | Parallel connection


हमारे पास जितने भी प्रतिरोध है या सिंगल फेज का कोई डिवाइस है तो यदि हम उसे ध्यान से देखें तो उसमे हमे दो ही सिरे दिखाई देते है |

यदि प्रत्येक प्रतिरोध के पहले - पहले सिरों को आपस में जोड़ दिया जाये और ठीक इसी प्रकार दुसरे - दुसरे सिरे को भी आपस में जोड़ दिया जाये तो प्रतिरोधों का यह कनेक्शन समान्तर कनेक्शन कहलाता है |

जोड़े जाने वाले इस कनेक्शन में पहले सिरे को फेज अथवा पॉजिटिव सप्लाई से तथा दुसरे सिरों को न्यूट्रल अथवा नेगेटिव सप्लाई से जोड़े जाने पर यह सयोंजन समान्तर क्रम में कार्य करना स्टार्ट कर देता है | और अधिक समझने के लिए कृपया निचे दिया गया कनेक्शन डायग्राम देखिये |

parallel connection
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 समान्तर क्रम में प्रतिरोध | Resistance in Parallel Circuit 


जब प्रतिरोध आपस में सामान्तर क्रम में जुड़े होते है तो उनका कुल प्रतिरोध मान ज्ञात करने के लिए हमे एक सूत्र की आवश्यकता होती है जिसके द्वारा हम समान्तर क्रम में जुड़े प्रतिरोध का कुल प्रतिरोध मान ज्ञात कर सकते है -

इस सूत्र से जुड़े न्यूमेरिकल प्रश्नों को हम निचे देखेंगे जिससे इस सूत्र का पूर्ण स्पष्टीकरण हो जायेगा |

समान्तर क्रम में धारा | Current in Parallel Circuit 


समान्तर क्रम में जुड़े प्रत्येक प्रतिरोध में अलग - अलग धारा प्रवाहित होती है | प्रवाहित होने वाली इस धारा का मान प्रतिरोध के मान पर निर्भर करता है | सर्किट में प्रवाहित होने वाली कुल धारा को हम निचे दिए गये सूत्र के अनुसार ज्ञात कर सकते है |
current  in parallel cicuit


समान्तर क्रम में वोल्टेज | Voltage in Parallel circuit 


समान्तर क्रम में जुड़े सभी प्रतिरोध पर सामान मान का वोल्टेज होता है | क्यूंकि सभी प्रतिरोध को सीधा सामान्तर मुख्य सप्लाई के साथ जोड़ा जाता है | सभी प्रतिरोध पर सामान मान की सप्लाई पहुँचने के कारण इन पर वोल्टेज का मान भी सामान होता है जो लगभग दिए जाने वाले वोल्टेज के मान के बराबर होगा |

[ यह भी पढिये ]


समान्तर क्रम से जुड़े न्यूमेरिकल 


प्रश्न 01 - दो ओह्म के 3 प्रतिरोध आपस में समान्तर क्रम में जुड़े हुए है इनका कुल प्रतिरोध मान क्या होगा ?
Ans - 

प्रश्न 02 - 3ओह्म , 4 ओह्म तथा 6 ओह्म के तीन प्रतिरोध आपस में सामान्तर क्रम में जुड़े है इनका कुल प्रतिरोध मान ज्ञात कीजिये ?
Ans - 

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updating Soon .....





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