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Mercury Vapour Lamp की सम्पूर्ण जानकारी


हम कई प्रकार के लैंप डेली देखने को मिलते है | कार्य स्थल एवं उपयोग के आधार पर अलग - अलग प्रकार के लैंप का उपयोग करते है | उपयोग किये जाने वाले कई प्रकार के होते है जैसे कार्बन फिलामेंट लैंप , टंग्स्टन फिलामेंट लैंप ,CFL लैंप , LED लैंप , सोडियम वेपर लैंप ,नियोन लैंप आदि | लेकिन इस आर्टिकल में हम ऐसे ही एक लैंप के बारे में पढने वाले है जिसका नाम है Mercury Vapour Lamp | यदि आप जानना चाहते है की मरकरी वेपर लैंप क्या है , कितने प्रकार के होते है , तथा इसकी बनावट एवं उपयोग कहाँ किया जाता है तो यह आर्टिकल आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है | लैंप के बारे में हम केवल उन जानकरी को शामिल किये है जो परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है |

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mercury vapour lamp

Mercury Vapour Lamp In Hindi 


यह लैंप गैस डिस्चार्ज लैंप की श्रेणी में आता है | जैसा की इसके नाम से स्पष्ट है की इस लैंप में मुख्य गैस के रूप मरकरी वाष्प का उपयोग किया जाता है | इन लैंप में मुख्य इलेक्ट्रोड के गैस भरी जाती है जिसमे गैस डिस्चार्ज होती है और प्रकाश उत्पन्न करती है | 

Types Of Mercury Vapour Lamp

यह लैंप मुख्य रूप से दो प्रकार के बनाये जाते है 
1. हाई प्रेशर मरकरी वेपर लैंप 
  • मरकरी आर्गन लैंप ( M.A. Lamp )
  • मरकरी आर्गन टंग्स्टन लैंप ( M.A.T. Lamp )
  • मरकरी वेपर लैंप ( M.V. Lamp )
2. लो प्रेशर मरकरी वेपर लैंप 

High Pressure Mercury Vapour Lamp 

मरकरी वेपर लैंप की इस श्रेणी के लैंप में उच्च प्रेशर के साथ पारे की वाष्प को भरा जाता है | और यह लैंप मुख्य रूप से तीन प्रकार के बनाये जाते है |

(I ) - मरकरी आर्गन लैंप ( Mercury Argon Lamp ) 

इस लैंप के निर्माण में दो कठोर कांच के बल्ब का उपयोग किया जाता है | जिसमें पहले बल्ब के अन्दर दुसरे बल्ब को भरकर दोनों बल्ब के बिच निर्वात बना दिया जाता है |

अन्दर वाले बल्ब में टंग्स्टन के ऊपर केडमियम सिलिकेट की पॉलिश किये हुए दो मेन इलेक्ट्रोड तथा एक स्टार्टिंग इलेक्ट्रोड स्थापित किया जाता है |

स्टार्टिंग इलेक्ट्रोड के श्रेणी क्रम में एक उच्च मान के रेजिस्टेंस को मुख्य इलेक्ट्रोड के साथ जोड़ दिया जाता है | तथा अन्दर वाले बल्ब में उच्च दाब के साथ मरकरी वाष्प तथा आर्गन गैस को भर दिया जाता है |

इस लैंप को स्टार्ट करने के लिए श्रेणी क्रम में एक चोक तथा समांतर क्रम में एक कैपेसिटर का उपयोग करते है |

इन लैंप की वाटेज क्षमता 250 तथा 400 वाट होती है | तथा इसकी दक्षता 30 से 40 ल्युमेंन प्रति वाट होती है |
इस लैंप में रंग का निर्धारण असमर्थता तथा घुमती हुयी वस्तु का उल्टी दिशा में घूमना प्रतीत होना स्ट्रेबोस्कोपिक प्रभाव कहलाता है |

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( II ) मरकरी आर्गन टंग्स्टन लैंप ( Mercury Argon Tungsten Lamp ) 

यह लैंप मरकरी आर्गन के जैसा ही होता है लेकिन इस लैंप में एक टंग्स्टन फिलामेंट तथा मुख्य इलेक्ट्रोड का ही उपयोग किया जाता है |

इस लैंप में दो मुख्य इलेक्ट्रोड होते है जो अन्दर वाले कांच के बल्ब में स्थापित किये जाते है तथा इस बल्ब में मरकरी और आर्गन गैस का मिश्रण भरा जाता है |

आन्तरिक बल्ब और बाहरी बल्ब के बिच टंग्स्टन फिलामेंट को एक थर्मल स्विच के साथ स्थापित करते है |तथा दोनों बल्बों के बिच वाले स्थान में आर्गन एवं नाइट्रोजन का गैस को भर दिया जाता है |

इस लैंप में चोक और कैपेसिटर का उपयोग नही करते है इसलिए इसे  AC व DC दोनों सप्लाई पर चलाया जा सकता है |

यह लैंप प्राय 200 से 250 वाटेज क्षमता के लिए बनाये जाते जाते है | और इस लैंप में मरकरी आर्गन लैंप की तरह स्ट्रेबोस्कोपिक प्रभाव विद्यमान नही होता है |

( III ) मरकरी वाष्प लैंप ( Mercury Vapour Lamp )

इस लैंप में 5 सेंटी मीटर लम्बी क्वार्टज कांच की डिस्चार्ज ट्यूब बनायीं जाती है | जिसमें मुख्य इलेक्ट्रोड तथा स्टार्टिंग इलेक्ट्रोड लगे होते है |

स्टार्टिंग इलेक्ट्रोड तथा मुख्य इलेक्ट्रोड के बिच एक उच्च प्रतिरोध वाले रेजिस्टेंस को जोड़ दिया जाता है | डिस्चार्ज ट्यूब को एक कांच के बल्ब में बंद कर देते है तथा दोनों के बिच निर्वात बना दिया जाता है |

इस लैंप में तीन पिन वाली बयोनेट कैप का प्रयोग करते है जिस कारण से इसे टंग्स्टन फिलामेंट वाले लैंप के होल्डर में नही लगाया जा सकता है |

यह लैंप प्राय 80 तथा 125 वाटेज क्षमता के लिए बनाये जाते है | तथा इसकी दक्षता 32 ल्युमेंन प्रति वाट होती है |


Low Pressure Mercury Vapour Lamp 

हमारे घरों , दफ्तर या अन्य कार्यस्थल पर हम जो ट्यूब लाइट का उपयोग करते है | जिसे फ्लोरसैंट ट्यूब कहा जाता है | उसे  ही हम लो प्रेशर मरकरी वेपर लैंप की श्रेणी में लेते है | यह लैंप उपरोक्त सभी लैंप की अपेक्षा बहुत ही कम विद्युत् धारा की खपत करते है | सामान्यत इस प्रकार के लैंप में मरकरी वेपर तथा आर्गन गैस का उपयोग करते है | तथा स्टार्टिंग के लिए इसमें चोक एवं स्टार्टर का उपयोग किया जाता है |

यह एक ट्यूब आकर में होती है जिसमें एक सामान्य ट्यूब की लम्बाई 120 सेंटी मीटर तथा वाटेज क्षमता 40 वाट होती है |  इसमें प्रयोग किये जाने वाले स्टार्टर में हीलियम गैस का उपयोग किया जाता है |

Uses Of Mercury Vapour Lamp 

हर एक मरकरी वेपर लैंप का जगह के अनुसार उपयोग किया जाता है 


  • मरकरी आर्गन लैंप का उपयोग सड़कों एवं पार्कों में प्रकाश व्यवस्था के लिए किया जाता है |
  • मरकरी आर्गन टंग्स्टन लैंप का उपयोग सजावटी कार्यों में करते है | 
  • मरकरी वेपर लैंप का उपयोग चौराहों , वर्कशॉप तथा अन्य उच्च क्षेत्रफल वाले कार्यस्थल पर किया जाता है |
  • लो प्रेशर मरकरी वेपर लैंप स्टडी रूम , दुकानों , सड़कों ,दफ्तर आदि में किया जाता है |
तो इस आर्टिकल में आपने पढ़ा Mercury Vapour Lamp के बारे में जानकारी | इस पोस्ट में हम आपको केवल उन पॉइंट्स को बताये है जो आपकी परीक्षा एवं बेसिक नॉलेज की दृष्टि से महत्वपूर्ण है | उम्मीद करते है यह जानकारी आपको पसंद आई होगी | कृपया इसे अपने साथियों के साथ भी जरुर शेयर करे | और हमारी नई अपडेट की जानकारी के लिए हमे सोशल मीडिया पर फॉलो करे | 

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