Magnetic Effect Of Electric Current | विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव

Magnetic Effect Of Electric Current
Magnetic Effect Of Electric Current


इससे पहले वाले आर्टिकल में हम आपको बता चुके है विद्युत धारा के कितने प्रभाव होते है | अब इस आर्टिकल में हम पढने वाले है Magnetic Effect Of Electric Current विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव क्या है |

 
 विद्युत धारा के प्रभावों में से Magnetic Effect of Electric Current भी एक है | आइये जानकारी लेते है विद्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव के बारे में |
 

 

Magnetic Effect Of Electric Current in Hindi | विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव 

 

जब भी किसी चालक तार में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो उस चालक तार के चारों और चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न होने लगता है | इस प्रभाव को विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव कहा जाता है | 

 

Magnetic Effect Of Electric Current in Hindi

 

विद्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव का उपयोग 

 

 

विद्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव का उपयोग विद्युत मोटर , पंखा , विद्युत घंटी , विद्युत चुम्बक , मैग्नेटिक क्रेन आदि बनाने में किया जाता है | 

 

 

 

विद्युत चुम्बक | Electro Magnet

 

यदि हम विद्युत चुम्बक के बारे में बात करे तो किसी नर्म लोहे की छड पर जब किसी अच्छे चालक तार जैसे कॉपर , अल्युमिनियम आदि को लपेट दे और उसमे विद्युत धारा प्रवाहित करे तो उससे एक अच्छा सा विद्युत चुम्बक बन जाता है
Electro Magnet
 
हम आपको बताना चाहेंगे की विद्युत चुम्बक के चुम्बकीय क्षेत्र की प्रकृति मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है 
 
1. प्रत्यावर्ती चुम्बकीय क्षेत्र 
2. स्थायी चुम्बकीय क्षेत्र 
 
1. प्रत्यावर्ती चुम्बकीय क्षेत्र – बनाये गये विद्युत चुम्बक ( Electro magnet ) को यदि AC ( Alternating Current ) यानि की प्रत्यावर्ती विद्युत धारा से जोड़ा जाये तो चुम्बक के द्वारा पैदा चुम्बकीय क्षेत्र प्रत्यावर्ती स्वभाव का होता है | 
प्रत्यावर्ती चुम्बकीय क्षेत्र

 

यह चुम्बकीय क्षेत्र फ्रीक्वेंसी के अनुसार बनता और ख़त्म होता है |  
जैसे ही सप्लाई फ्रीक्वेंसी में साइकिल का मान धनात्मक होता है वैसे ही विद्युत चुम्बक में चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है | 
 
और जैसे ही सप्लाई फ्रीक्वेंसी में साइकिल का मान ऋणात्मक होता है वैसे ही विद्युत चुम्बक में चुम्बकीय क्षेत्र विलुप्त हो जाता है | 
 
2. स्थायी चुम्बकीय क्षेत्र – जो विद्युत चुम्बक हम बनाये है यदि उसको DC ( Direct Current ) यानि की दिष्ट धारा से जोड़ा जाये तो उस विद्युत चुम्बक में स्थायी चुम्बकीय क्षेत्र पैदा होता है | 
 
चुकी हम सब भली भांति जानते है की DC सप्लाई में फ्रीक्वेंसी का मान शून्य होता है इसलिए शून्य फ्रीक्वेंसी वाली विद्युत सप्लाई को विद्युत चुम्बक से जोड़ने पर स्थायी चुम्बकीय क्षेत्र प्राप्त होता है | 
तो इस आर्टिकल में हम जाने विद्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव | Magnetic Effect of Electric Current के बारे में | यदि आपको विद्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव की यह जानकरी पसंद आई हो तो कृपया सोशल मीडिया पर अपने साथियों के साथ भी जरुर शेयर करे | 

 

Magnetic Effect Of Electric Current IMP Questions Answers

प्रश्न 1. विद्युत धारा के कितने प्रभाव होते है?

उत्तर-: विद्युत धारा के 5 प्रभाव होते हैं।

प्रश्न 2. विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव कहा पर देखा जा सकता है?

उत्तर-: विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव मोटरो, जनरेटरों, स्पीकर, और विद्युत घंटी में देखा जा सकता है।

प्रश्न 3. चुम्बकीय प्रभाव किसे कहते हैं?

उत्तर-: क्वायिल में विद्युत धारा प्रवाहित की जाए तो उसके चारों तरफ चुम्बकीय बल रेखा उत्पन्न होती हैं करेंट के इस प्रभाव को चुम्बकीय प्रभाव कहते हैं।

प्रश्न 4. विद्युत घंटी को किस प्रभाव के द्वारा संचालित किया जाता है?

उत्तर-: विद्युत घंटी को विद्युत चुम्बकीय प्रभाव के द्वारा संचालित किया जाता है।

प्रश्न 5. डाइनोमा या जनरेटरों को किस प्रकार चलाया जाता है?

उत्तर-: विद्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव के द्वारा चलाया जाता है।

प्रश्न 6. विद्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव के खोज कर्ता कौन है?

उत्तर-: विद्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव के खोज कर्ता माईकल फैराडे नामक व्यक्ति है।

प्रश्न 7. विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र का SI मात्रक क्या होता है?

उत्तर-: SI मात्रक होता है 1 न्यूटन प्रति एम्पीयर मीटर।

प्रश्न 8. विद्युत चुम्बक के क्या लाभ है?

उत्तर-: विद्युत चुम्बक की पावर को अवश्यता अनुसार रखा जा सकता है।

प्रश्न 9. विद्युत मोटरो को किस प्रकार चलाया जाता है?

उत्तर-:विद्युत मोटरो को ए. सी.और डी.सी.विद्युत धारा के द्वारा चलाया जाता हैं।

प्रश्न 10. विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा किस प्रकार से ज्ञात की जाती हैं?

उत्तर-: फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम के द्वारा ज्ञात किया जाता हैं।

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