प्रतिरोधक क्या है और यह कितने प्रकार के होते है ? | Resistor in Hindi

Resistor in Hindi :- प्रतिरोध और विशिष्ट प्रतिरोध के बारे में तो आप जानते ही होंगे ! यदि नही जानते तो निचे दिए गये लिंक पर क्लिक कर आप इन दोनों के बारे में विस्तार से जानकारी ले सकते है | इस आर्टिकल में हम बात करने वाले है प्रतिरोधक के बारे में | यदि आप जानना चाहते है की प्रतिरोधक ( Resistor ) क्या है , और कितने प्रकार के होते है तो यह आर्टिकल आप पूरा पढ़ें | 
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resistor in hindi


प्रतिरोधक क्या है 

Resistor in Hindi:- यह बात आप अच्छे से जानते है की सभी पदार्थ अपने में से बहने वाली विद्युत् धारा का विरोध करते है | पदार्थ के इस गुण को प्रतिरोध ( Resistance ) कहा जाता है | 

लेकिन … यदि किसी पदार्थ के टुकड़े को इस प्रकार से बनाया जाये की वह एक निश्चित मान का ही प्रतिरोध उत्पन्न करे तो पदार्थ के उस टुकड़े को प्रतिरोधक ( Resistor ) कहा जाता है | 

प्रतिरोधक किसी भी इलेक्ट्रॉनिक्स सर्किट का सबसे महत्वपूर्ण घटक होता है | लेकिन इलेक्ट्रिकल परिपथों में भी इसकी अपनी अलग ही पहचान है | 

प्रतिरोधक विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रिकल परिपथों में उपयोग में आता है जैसे पंखे को अलग अलग गति पर चलाने के लिए उपयोग होने वाले फेन रेगुलेटर में , डीसी जनरेटर से प्राप्त आउटपुट वोल्टेज को रेगुलेट करने में , डीसी सप्लाई से प्रचालित की जाने वाली फ्लोरोसेंट ट्यूब में , फेज की उपस्थिति दर्शाने वाले नियोन फेज टेस्टर में , डीसी मोटर की गति परिवर्तन में …… आदि | 

प्रतिरोधक कितने प्रकार के होते है 

Types Of Resistor in Hindi :- इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रिकल परिपथों में उपयोग आने वाले प्रतिरोधक मुख्य रूप से 6 प्रकार के होते है –

प्रतिरोधक के प्रकार 

  1. कार्बन प्रतिरोधक 
  2. थर्मिस्टर टाइप प्रतिरोधक 
  3. मैटल फिल्म प्रतिरोधक 
  4. वायर वाउंड प्रतिरोधक 
  5. लाइट डिपेंडेंट प्रतिरोधक 
  6. वोल्टेज डिपेंडेंट प्रतिरोधक 

कार्बन प्रतिरोधक ( Carbon Resistor )

carbon resistor


यह छोटे अकार तथा कम भार के होते है | इन्हें कार्बन अथवा ग्रेफाइड में अशुद्धियाँ मिलाकर बनाया जाता है | ज्यादा करंट प्रवाहित होने पर यह तेजी से गर्म हो जाते है और इनके प्रतिरोध मान में परिवर्तन आ जाता है | सामान्यत इस प्रकार के प्रतिरोधक एक ओम से लेकर मेगा ओम तक बनाये जाते है | यदि बात की जाये इनके उपयोग की तो यह हमारे फेन रेगुलेटर , नियोन फेज टेस्टर , इंडिकेटर तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों में इनका उपयोग किया जाता है | 


थर्मिस्टर टाइप प्रतिरोधक ( Thermistor Type Restor )

thermister resistor


यह कम प्रतिरोध मान वाले प्रतिरोधक होते है | तथा थर्मिस्टर प्रतिरोधक तापमान पर निर्भर करते है | इनका उपयोग हम इलेक्ट्रॉनिक्स सर्किट में करते है | 

मेटल फिल्म प्रतिरोधक ( Metal Film Resistor )

metal film resistor


जिस प्रकार से कार्बन प्रतिरोधक बनाने के लिए कार्बन का उपयोग किया जाता है उसी प्रकार इन प्रतिरोधकों में धातु की पतली फिल्म की परत चढ़ायी जाती है | मेटल फिल्म प्रतिरोधक कार्बन प्रतिरोधक से अधिक टिकाऊ होते है |

वायर वाउंड प्रतिरोधक ( Wire Wound Resistor ) 

wire wound resistor


यह प्रतिरोधक नाइक्रोम, यूरेका , मैगनीज तथा टंग्स्टन जैसी मिश्रधातु का उपयोग करके बनाये जाते है | अधिकतर इस प्रकार के प्रतिरोधक यूरेका के बनाये जाते है | वायर वाउंड प्रतिरोधको में इन धातुओं का उपयोग करने का मुख्य कारण है की इन धातुओं का प्रतिरोध अन्य धातुओं की अपेक्षा अधिक होता है | इस प्रकार के प्रतिरोधक डीसी मोटर की गति नियंत्रण , डीसी जनरेटर के वोल्टेज रेगुलेशन तथा अन्य पॉवर डीसी परिपथो के लिए किया जाता है | 

लाइट डिपेंडेंट प्रतिरोधक ( LDR )

LDR


इस प्रकार के प्रतिरोधक स्ट्रीट लाइट तथा नाईट लैंप को आटोमेटिक ऑन ऑफ करने वाले परिपथों में किया जाता है | यह प्रतिरोधक प्रकाश पर निर्भर करता है | जब भी इस प्रतिरोधक पर रोशनी गिरती है यह सर्किट को ऑफ कर देता है | 

वोल्टेज डिपेंडेंट प्रतिरोधक ( Voltage Dependent Resistor ) 

VDR


यह एक प्रकार का परिवर्तक होता है | जो की सप्लाई वोल्टेज के मान पर निर्भर करता है | यदि इस प्रतिरोधक को ज्यादा मात्रा की वोल्टेज दी जाती है तो इसका प्रतिरोध मान कम हो जाता है तथा जैसे ही सप्लाई वोल्टेज कम होता है तो इसका प्रतिरोध मान अधिक हो जाता है | 


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Conclusion:- 
तो इस आर्टिकल में आपने जाना प्रतिरोधक क्या है ( Resistor in Hindi ) | उम्मीद करते है यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा | कृपया इस आर्टिकल को अपने साथियों के साथ भी जरुर शेयर करे | और हमारी नई अपडेट की जानकारी के लिए हमें सोशल मीडिया पर जरुर फॉलो करे | 

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