विद्युत लेपन किसे कहते हैं | What is Electroplating In Hindi

विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव के द्वारा हम कई प्रकार के कार्य करते है उन्ही कामों में से एक है विद्युत लेपन | यदि आप भी जानना चाहते है की विद्युत लेपन किसे कहते है, What is Electroplating , इलेक्ट्रोप्लेटिंग का उपयोग क्या है , electroplating विद्युत लेपन कैसे की जाती है | तो यह आर्टिकल आपको पूरा पढ़ना चाहिए |

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विद्युत लेपन क्या है | What is Electroplating

विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव के द्वारा एक धातु पर किसी दूसरी धातु की परत चढ़ाना विद्युत लेपन या Electroplating कहलाता है |

विद्युत लेपन (electroplating) वह प्रक्रिया है जिसके अंदर विद्युत धारा का प्रयोग करते हुए एक रासायनिक प्रक्रिया की जाती हैं इस प्रकार की रासायनिक प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धातु के ऊपर अन्य दूसरी धातु की परत को चढ़ाया जाता हैं उसे विद्युत लेपन ( Electroplating ) कहते हैं।

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विद्युत लेपन करने की प्रक्रिया | Electroplating Process in Hindi

विद्युत लेपन के द्वारा किसी भी धातु के ऊपर रासायनिक क्रिया करके अन्य धातु की परत चढ़ाई जाती हैं | इस प्रकार की विधि में हमे जिस भी पदार्थ पर धातु की परत चढ़ानी है उस धातु को हमे कैथोड प्लेट के रूप में उपयोग लेना हैं तथा जिस धातु की परत चढ़ानी है उस धातु को एनोड के रूप में रखा जाता है |

विद्युत लेपन की इस रासायनिक प्रक्रिया से लोहे की धातुओं को और वस्तुओ को जंग लगने से भी बचाया जाता हैं और इस प्रकार की सभी धातुओ को विद्युत लेपन की प्रक्रिया के द्वारा संरक्षित किया जा सकता हैं|

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विद्युत लेपन (electroplating) की इस क्रिया के द्वारा लोह धातुओं को चमकाने के लिए इन पर तांबे, निकल, जिंक, और क्रोमियम धातुओ का लेपन किया जा सकता हैं|

विद्युत लेपन की इस रासायनिक प्रक्रिया के लिए हमे हमेशा डी. सी. विद्युत सप्लाई का ही प्रयोग करना चाहिए, जोकि बेट्री. जेनेरेट, और रेक्टिफायर की सहायता से प्राप्त किया जा सकता हैं |

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विद्युत लेपन की करने की शर्तें क्या है

1 . विद्युत लेपन करते समय इस बात का ध्यान रखा जाएं की हम जिस किसी भी वस्तु या धातु की सतह पर पर किसी भी धातु की परत चढाते है उस धातु को अच्छी तरह से साफ कर लेना चाहिए अर्थात किसी भी प्रकार कोई जंग ना लगी हुई हो और नाही कोई चिकनाई वाला पदार्थ ग्रीस या ऑयल नही लगा होना चाहिए।

2. विद्युत लेपन करते समय रसायनिक अम्लो (लवण) के घोल की सांद्रता को स्थिर रखना पड़ता है इसलिए इस धातु के साफ किये हुए उस सिरे को बैटरी के कैथोड की प्लेट यानि ऋणात्मक सिरे से जोड़ा जाता है और दूसरी धातु को एनोड प्लेट की तरह जोड़ा जाता है यह सिरा पॉजिटिव सिरा होता है।

3 . विद्युत लेपन की इस क्रिया को करने के लिए हमे एक ऐसे पात्र की जरूरत होती हैं जो सीमेंट कांक्रिट का या किसी लेड या रबर का बना हुआ होता है। इस प्रकार के पात्र के अंदर एलेक्ट्रो लाइट भर दिया जाता है इस एलेक्ट्रो लाइट के अंदर एनोड और विद्युत लेपन की जाने वाली धातु को इलेक्ट्रिक तारों की सहायता से बांध कर एलेक्ट्रो लाइट के घोल के अंदर अच्छी तरह से डूबा दिया जाता है, ताकि ये किसी भी अन्य वस्तु या किसी अन्य चीज से स्पर्श न कर पाएं।

4 . विद्युत लेपन की इस प्रकार की पूरी प्रक्रिया में केवल डी सी विद्युत धारा का ही प्रयोग किया जाता हैं।

5 . विद्युत लेपन की इस प्रकार की प्रक्रिया को चांदी की धातु पर परत चड़ाने के लिए जिस एलेक्ट्रोलाइट का प्रयोग किया जाता हैं उसको सिल्वर नाईटट्रेट का घोल कहा जाता हैं धातुओ पर परत चड़ाने के लिए हर धातु के विद्युत लेपन के लिए एलेक्ट्रोलाइट का उपयोग धातुओ के अनुसार अलग- अलग इस्तेमाल किया जाता हैं |

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विद्युत लेपन के उपयोग | Uses Of Electroplating

1. विद्युत लेपन-: किसी भी प्रकार की धातुओं पर किसी अन्य धातु की परत को रासानिक क्रिया द्वारा चढ़ाना या लेपन करना विद्युत लेपन कहलाता है। जैसे- . लोह धातुओं की वस्तुओं पर को जंग से बचाने के लिए विद्युत लेपन का प्रयोग किया जाता हैं |

सामन्य प्रकार की चांदी की धातुओं के आभूषणों को सुन्दर और चमकदार बनाने के लिए उनपर सोने की धातु की परत चढ़ा दि जाती हैं |

लोहे की धातुओं को जंग से बचाने के लिए उनके ऊपर तांबे या जिंक की धातु की परत को चढ़ा दिया जाता हैं |

2. विद्युत मुद्रण ( electrotyping)

3. धातुओ को शुद्धि करण( purification of metal)

4. धातु निष्कर्षण (Extraction of metal)

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विद्युत लेपन को प्रभावित करने वाले कारक

विद्युत लेपन को प्रभावित करने वाले वाले कारक निम्न लिखित प्रकार के है :-

1.वायु मंडलीय नमी -: वायु मंडल में उपस्थित रहने वाली नमी के कारण विद्युत लेपन के द्वारा जो परत चढ़ायी जाती है वह वातावरण की नमी को ऑक्सीकरण के द्वारा अवशोषित कर लेती है और विद्युत लेपन सतह पर जंग लग जाती है और ताम्बे की धातु और कार्बन डाइऑक्साइड की परत जम जाती है जिससे धातुओ की सतह प्रभावित हो जाती हैं या खराब हो जाती हैं।

2. अशुद्ध धातु की उपस्तिथि -: किसी भी धातु की सतह के ऊपर गन्दगी लगी हुई होती हैं और इस गन्दगी या अशुद्धि के कारण विद्युत लेपन की गयी धातु खराब हो जाती हैं इस परिस्तिथि के कारण जो अशुध्दि कैथोड की प्लेट का काम करने लगेगी और जो धातु होती है वह एनोड प्लेट का काम करने लगती है उपस्थिति के कारण धातु का विद्युत् लेपन प्रभावित हो जाता है |

3. कार्बन डाइ-ऑक्साइड के कारण -: पानी के अंदर कार्बन -डाइ-ऑक्साइड(CO2) के घुल जाने के कारण लोहे की धातुओ पर तुरंत ही जंग लगने की प्रक्रिया होने लगती हैं।

4. धातु की सतह का साफ ना होना -: विद्युत लेपन की जाने वाली धातु की सतह को अच्छी तरह से साफ नही करने के कारण या विद्युत लेपन की जाने वाली धातु की बाहरी सतह के किनारों के उपर तेल ग्रीस या किसी भी प्रकार की धूल लगी हो तो विद्युत लेपन प्रक्रिया प्रभावित हो जायेगी |

5. PH. मान -: विद्युत लेपन के लिए एलेक्ट्रोलाइट के घोल का pH मान नियंत्रित होना चाहिए, विद्युत्-लेपन के लिए pH मान 5 या 7Ph के लगभग ही होना चाहिए।

6. विद्युत घनत्व -: इसमे विद्युत धारा का घनत्व अधिक हुआ तो विद्युत लेपन को प्लेट पर ढीला जोड़ते हैं और धारा का मान भी कम ही रखा जाता हैं और धारा घनत्व कम होने के कारण विद्युत लेपन प्रक्रिया भी बहुत ही धीरे धीरे होता है इस प्रक्रिया में केवल डी. सी. विद्युत धारा का ही प्रयोग किया जाता हैं |

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Final Word – तो इस पोस्ट में आपने जाना विद्युत लेपन किसे कहते हैं | What is Electroplating In Hindi | उम्मीद करते है यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा | कृपया इस आर्टिकल को अपने साथियों के साथ भी जरुर शेयर करें और हमारी अगले आर्टिकल की अपडेट जानने के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें |

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